नवजोत सिंह सिधु की कमाल की शायरी-The amazing poetry of Navjot Singh Sidhu in hindi.

नवजोत सिंह की शायरी- नवजोत सिंह सिद्धू भारतीय क्रिकेट के भुतपूर्व खिलाड़ी है जिन्होंने क्रिकेट में भले ही बल्लेबाजी का जलवा दिखाया हो लेकिन निजी जीवन में वो आल राउंडर है | वर्तमान में आपको नवजोत सिंह टीवी में हर जगह दिख जायेंगे | एक तरफ जहा IPL में अपनी हिंदी Commentary से लुभा रहे तो दुसरी तरफ The Kapil Sharma Show में अपनी हंसी का जलवा बिखेर रहे है | नवजोत सिंह को असली आल राउंडर कहना गलत नही होगा क्योंकि ये कमेन्ट्री भी कर लेते है तो शायरिया भी कर लेते है तो राजनीति में भी सक्रिय है |नवजोत सिंह ने अपनी वाणी के दम पर पुरे भारतवर्ष में अपना एक अलग मुकाम हासिल कर लिया है |नवजोत सिंह सिधु के शायरी दुनिया मे प्रसिद्ध है तो चलिए बताते है नवजोत सिंह सिधु की कुछ शायरी-

नवजोत सिंह संधू की शायरी
नवजोत सिंह संधू की शायरी

वो दरिया ही नहीं जिसमे नहीं रवानी, जब जोश ही नहीं तो फिर किस काम की है जवानी.

 

इस दुनिया मे जितने भी चमत्कार है वो विचारो के है इन्हे गिरा डालो ये इंसान को हैवान बना देते है और इन्हे उठा डालो ये इंसान को भगवान बना देते है

 

सिकंदर हालात के आगे नहीं झुकता, तारा टूट भी जाए जमीन पर नहीं गिरता ,अरे गिरते है हजारो दरिया समुंदर मे पर कभी कोई समुंदर किसी दरिया मे नहीं गिरता

 

नाम ही खो दोगे तो किधर जाओगे और पहचान ही खो दोगे तो बिखर जाओगे


तलवारों की धारो पर इतिहास हमेशा बनता है जिस ओर जवानी चलती है उस और जमाना चलता है


बीज बो दो फूल खिलकर चमन को बहार देंगे और दिशा दे दो ये नौजवान मिलकर राष्ट्र को सवार देंगे


बीज रूप मे तुमहारे खयाल ही तुम्हें बनाने वाले है


उसूलों पे आंच आए तो टकराना ज़रूरी है और ज़िंदा हो तो ज़िंदा नज़र आना जरूरी है


सभी को सभी कुछ हासिल नहीं मिलता नदी की हर लहर को साहिल नहीं मिलता ये दिल वालों की दुनिया है अजब है दास्तान इसकी किसी से दिल नहीं मिलता ओर कोई दिल से नहीं मिलता


लीडर क्या है?

लीडर कमजोरी को ताकत मे तब्दील करता है, राह की बाधा को सफलता की सीढ़ी बनाता है और हार को जीत मे तब्दील करता है. यही leadership है इससे बड़ी कोई leadership नहीं

 

बाधाओ पर विजय पाना champions का किरदार है

 

दूनिया मे सबसे बड़ा रोग मेरे बारे मे क्या कहेंगे लोग

 

जब आपकी कोई आलोचना करे तो ये हमेशा याद रखना आम के पेड़ को पत्थर मारते है लोग नीम के पेड़ को कोई पत्थर नहीं मारता


नौजवान कहता है दरिया है हम हमे अपना हुनर मालूम है गुज़रेंगे जिधर से रास्ता हो जाएगा

 

जो पर्वतो से टकरा जाये उसे तूफान कहते है और जो तूफान से टकरा जाए उसे युवान (युवा) कहते है

 

प्रेम परिचय को पहचान बना देता है

वीराने को गुलिस्तान बना देता है

मै आप बीती कहता हु गैरो कि नही

प्रेम इंसान को भगवान बना देता है।

 

पेड़ फल से इंसान कर्म से और कोयल अपनी कूक से जानी जाती है

 

सोच ऊंची बंदा शहनशाह शाहों का शाह 

और सोच नीची आदमी बिखारी हाथ मे टूठा

थन थन पाल मदन गोपाल

 

नज़र बदली नज़ारे बदले कश्ती बदली किनारे बदले

 

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